Words Reflect My Life.
मेरी ख़ामोशी ख़ामोश है,
सार्गोशियां सारगोश है
सूर्तेहाल मत पूछें, मदहोश हैं
या यूं कहिए के बेहोश हैं
ज़हनी मसले है उलझे, कुछ रोश हैं
कितने इल्जाम गिनवाएं, लाखों दोष हैं
इसलिए ख़ामोशी मेरी खामोश हैं
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